सेहरी और इफ्तारी की दुआ | Sehri aur Iftari ki Dua

सेहरी की दुआ | Roza rakhne ki Dua in Hindi

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सेहरी की दुआ

मुआशरे में सेहरी के नियत की जो दुआ मशहूर है वो हदीस से सबित नहीं। नियत दिल के इरादे का नाम है।

आपका सहरी के लिए उठना ही नियत में शुमार है। 

लिहाजा सेहरी के लिए किसी खास दुआ का एहत्माम करना जरुरी नहीं।

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इफ्तारी की दुआ | Roza kholne ki Dua in hindi

इफ्तारी की दुआ

इफ्तार बिस्मिल्लाह कह कर शुरू करे, 
और इफ्तारी के बाद रोजा खोलने की ये दुआ पढ़ेः

ذَهَـبَ الظَّمَـأُ، وَابْتَلَّـتِ العُـروق، وَثَبَـتَ الأجْـرُ إِنْ شـاءَ الله

जहबज-जमाउ वबतल्लती उरुकु
व सबतल-अजरु इंशा अल्लाह

प्यास खत्म हुई, रगे तर हो गयी और रोजे का सवाब इंशाअल्लाह पक्का हो गया।

📕 सुनन अबू दाऊद; हदीस: 2357



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