दरख़्त (पेड़) लगाने की फज़ीलत

दरख़्त (पेड़) लगाने की फज़ीलत

अनस बिन मालिक रजियाल्लाहो तआला अंहो से रिवायत है की
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:

जो कोई मुसलमान बंदा किसी दरख़्त का पौधा लगाता है और उस दरख़्त से कोई इंसान या जानवर खाता है तो इंसान या जानवर का इस दरख़्त से खाना, दरख़्त लगाने वाले के लिए सदक़ा होता है।

सही बुखारी, हदीस: 6012



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