अल्लाह तुम्हारी सूरतों को नहीं, दिल को देखता है ~ हदीस

 

अल्लाह तुम्हारी सूरतों को नहीं दिल को देखता है ~ हदीस

अल्लाह तुम्हारी सूरतों को नहीं, दिल को देखता है

पैग़म्बर मुहम्मद (ﷺ) ने फरमाया :

"बेशक अल्लाह तआला तुम्हारी सूरतों
और तुम्हारे मालों (धन) को नहीं देखता,
बल्कि वो तुम्हारे आमाल (कर्मों)
और दिलों को देखता है"

📕   इब्ने माजा; हदीस:4143



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